सोमवार, 31 दिसंबर 2012

क्या दुआ करूँ.....


नए का आना, पुराने का जाना 

फ़िर वही तराना, फ़िर वही तराना 


कुछ सुन लूँ..... कुछ सुना लूँ


गीत वही फ़िर से, आज गुनगुना लूँ 


वफ़ा के बदले क्यूँ वफ़ा नहीं मिलती 


मेरे हाथों किसी को शिफ़ा नहीं मिलती 


जो आरज़ू है, वो क्यूँकर नहीं होता 


दुवाओं का मेरी क्यूँ असर नहीं होता

 
क्यूँ दिल किसी के शिगाफ़ हैं 


किसी के हज़ार गुनाह माफ़ हैं 


क्यूँ दामन किसी का तार-तार है 


आज इंसानियत शर्म-सार है


बदला तो बस साल बदला 


न मंज़र बदला न हाल बदला 


क्या दुआ करूँ, क्या फ़रियाद करूँ?


क्या जश्न हो, क्या मुबारकबाद करूँ?


फ़िर भी आपको न दर्द हो, न मलाल रहे 


इसलिए कहता हूँ,आने वाला साल ख़ुशहाल रहे

4 टिप्‍पणियां:

  1. मंगलमय नव वर्ष हो, फैले धवल उजास ।
    आस पूर्ण होवें सभी, बढ़े आत्म-विश्वास ।

    बढ़े आत्म-विश्वास, रास सन तेरह आये ।
    शुभ शुभ हो हर घड़ी, जिन्दगी नित मुस्काये ।

    रविकर की कामना, चतुर्दिक प्रेम हर्ष हो ।
    सुख-शान्ति सौहार्द, मंगलमय नव वर्ष हो ।।

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद रविकर जी ... आने वाला समय आपके जीवन नूतन हर्ष, सौहार्द और शांति लेकर आये ...

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  2. "बदला तो बस साल बदला
    न मंज़र बदला न हाल बदला"
    बहुत सटीक लिखा....काबिल-ए-तारीफ़ ! शुभरात्रि....!

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